क्या आप जानते हैं कि हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्या होता है. दरअसल यह एक ऐसा सिस्टम है जो ऑन ग्रिड और ऑफ ग्रिड दोनों का कॉन्बिनेशन है, हालांकि कुछ समय पहले तक सोलर और ग्रिड (बिजली) दोनों से चार्जिंग की सुविधा वाले सिस्टम को ही हाइब्रिड सोलर सिस्टम कहा जाता था. लेकिन नई तकनीक के चलते इस परिभाषा में कुछ परिवर्तन हुआ है.
वर्तमान में हाइब्रिड इनवर्टर या हाइब्रिड सोलर सिस्टम ऐसे सिस्टम को कहा जाता है, जो ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम की तरह बिजली जाने पर भी कार्य करता है. साथ ही उसमें अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में एक्सपोर्ट करने की क्षमता भी होती है.
ऑन ग्रिड और हाइब्रिड सोलर सिस्टम में क्या अंतर है?
ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम सिर्फ तभी तक कार्य करता है जब तक बिजली की सप्लाई आ रही है. बिजली की सप्लाई जाते ही ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम कार्य करना बंद कर देता है. इसके साथ ही ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम में बैटरी ना होने के कारण पावर बैकअप की भी कोई व्यवस्था नहीं होती यानी यह सिस्टम सिर्फ तभी तक कार्य करता है जब तक सूर्य की रोशनी मौजूद है.
सूर्य की रोशनी होने और बिजली न होने की स्थिति में भी ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम कार्य नहीं करता. ऐसे में यदि किन्हीं परिस्थितियों वश बिजली गुल हो जाती है तो भले ही धूप अच्छी हो लेकिन आपका सोलर सिस्टम ठप पड़ा रहेगा.
कुल मिलाकर ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम को कार्य करने के लिए सूर्य की रोशनी और बिजली दोनों की आवश्यकता होती है. इन दोनों में से किसी एक की अनुपस्थिति में भी यह सिस्टम कार्य नहीं करता.
जबकि हाइब्रिड सोलर सिस्टम सूर्य की रोशनी होने और बिजली न होने पर भी कार्य करता है. इसके साथ ही सूर्यास्त के बाद हाइब्रिड सोलर सिस्टम बैटरी से पावर सप्लाई देता रहता है. ऐसे में हाइब्रिड सोलर सिस्टम में ऑन ग्रिड और ऑफ ग्रिड दोनों के ही फायदे देखने को मिलते हैं.
सबसे अच्छा हाइब्रिड सोलर सिस्टम कौन सा है?
भारत में कई कंपनियां इस समय हाइब्रिड सोलर सिस्टम का निर्माण कर रही है, जिनमें से यूटीएल, लुमिनस जैसी भारतीय कंपनियों के साथ ही टेस्ला पावर और पैनासोनिक जैसी विदेशी कंपनियां भी शामिल है. वहीं कई स्टार्टअप कंपनियां भी हाइब्रिड सोलर सिस्टम तैयार कर रही है. Exlta Solar, नेक्सस सोलर, फर्स्ट सोलर, लूम सोलर आदि कम्पनिया हाइब्रिड सोलर सिस्टम बना रही है.
क्वालिटी और टिकाऊ प्रोडक्ट की बात की जाए तो टेस्ला पावर और पैनासोनिक के उत्पाद निश्चित रूप से बहुत ही अच्छे रहते हैं. लेकिन किसी भी सिस्टम का चयन करते समय आपको अपने एरिया में सर्विस नेटवर्क पर ध्यान जरूर देना है. वहीं यदि देसी कंपनियों की बात करें तो यूटीएल का हाइब्रिड सिस्टम इस समय मार्केट में खूब चल रहा है.
हाइब्रिड सोलर इन्वर्टर कैसे काम करता है?
हाइब्रिड सोलर इनवर्टर सोलर पैनल से आने वाले डीसी करंट को एसी करंट में बदलकर आपके घरेलू उपकरणों को चलाता है तथा डीसी करंट से बैटरियों को भी चार्ज करता है. बैटरी चार्ज होने और आपके घर का लोड बिजली उत्पादन से कम होने की स्थिति में अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में एक्सपोर्ट कर देता है.
सूर्यास्त के बाद जब सूरत से बिजली उपलब्ध नहीं होती तो हाइब्रिड सोलर सिस्टम सबसे पहले बैटरी उपलब्ध ऊर्जा का प्रयोग करता है. बैटरियों की ऊर्जा समाप्त होने के बाद यह ग्रिड से एनर्जी ले लेता है. इस तरह एक हाइब्रिड सोलर सिस्टम आपको सौर ऊर्जा का अधिकतम प्रयोग करने की क्षमता प्रदान करता है.
क्या हाइब्रिड सोलर सिस्टम महंगा होता है?
हाइब्रिड सोलर सिस्टम में बैटरी और सोलर पैनल तो बाकी सिस्टम की तरह ही समान कीमत वाले होते हैं लेकिन हाइब्रिड सोलर इनवर्टर ऑफ ग्रिड इनवर्टर अथवा ऑन ग्रिड सोलर इनवर्टर की अपेक्षा थोड़ा सा महंगा होता है.

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